03 स्थिप्रज्ञ – भगवद्गीता

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03 स्थिप्रज्ञ – भगवद्गीता
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स्थितप्रज्ञ (स्थिर बुद्धि) होने पर आपका लोक वयवहार कैसा होना चाहिए? कैसे विपरीत से विपरीत परिस्थिति में भी अपनी बुद्धि को स्थिर रखें? बुद्धि को सम और स्थिर रखने के अभ्यास में कहाँ तक आप सफल हो गए हैं जानिये महत्त्वपूर्ण बिन्दुओं (चेक पॉइंट्स) की सहायता से. कैसे बुद्धि योग को पूरा करके बुद्धि को हमेशा सम रखें.

  • स्थितप्रज्ञ - बुद्धियोग की पूर्णता

    स्थितप्रज्ञ के लक्षण क्या हैं? समाधि में रहते हुए कैसे कर्म किये जाएँ? बुद्धि को स्थिर रखने में कौन कौन सी चुनौतियाँ सामने आएँगी? उन चुनौतियों से कैसे निपटें जिससे बुद्धि स्थिर हो जाए? राग के चक्र को कैसे तोड़ें जिससे बुद्धि हमेशा स्थिर रहे? परम शान्ति और ब्रह्म में अखंड स्थिति कैसे प्राप्त करें?

Instructor

Sachin Goyal is a devotee in the lotus feet of Lord Shiva, Lord Ganesh, Lord Krishna, Lord Ram, Ma Durga, Lord Hanuman all. He has learned Gita, Ramcharitmanas, Yogavashishtha (Maharamayna), Adhyatma Ramayana, Adbhut Ramayana, Shiva Purana, Shiva Sutra of Kasmir Shaivism, Upnishads, Devi Bhagwat, Tantra, Durga Saptashati, Chhand Shastra (छन्द शास्त्र), Music, Astrology, Naturopathy, Acupressure, Ayurveda, Yoga, Tai Chi exercises for good health and many more. Running charitable acupressure treatment center since 15 years in which gives FREE treatment to all. For the same purpose of public welfare, running youtube channel http://www.youtube.com/sacgoyal to reach globally.

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